पूर्वी लद्दाख में तैनात सैनिकों को चीन के राष्‍ट्रपति जिनपिंग ने दिया अलर्ट रहने का आदेश, क्‍या साजिश रच रहा ड्रैगन

Curated by

Richa Bajpai

| भाषा | Updated: 20 Jan 2023, 6:21 pm

चीन (China) केराष्‍ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने भारत के साथ लगी वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर तैनात सैनिकों से बात की है। पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) से सटी सीमा रेखा पर जिनपिंग का पहुंचना बड़ा संकेत है। पूर्वी लद्दाख पर भारतीय सेना लगातार हाई अलर्ट पर है। यहां पर मई 2020 से ही तनाव जारी है।

हाइलाइट्स

  • चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर तैनात सैनिकों से बात की
  • शी चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और पीएलए के प्रमुख भी हैं
  • शी ने जवानों से सीमा पर उनकी गश्त और प्रबंधन कार्य के बारे में सवाल किया
बीजिंग: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर तैनात सैनिकों से वीडियो कॉन्फ्रेंस से बातचीत की और उनकी युद्ध तैयारियों का जायजा लिया। आधिकारिक मीडिया ने शुक्रवार को यहां यह जानकारी दी। शी ने यहां पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) मुख्यालय से शिनजियांग सैन्य कमान के तहत खंजराब में सीमा पर तैनात सैनिकों को संबोधित किया। शी चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और पीएलए के प्रमुख भी हैं।



24 घंटे की निगरानी का आदेश

आधिकारिक मीडिया में दिखाए गए वीडियो के अनुसार, शी ने सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि किस प्रकार “हाल के वर्षों में, क्षेत्र में लगातार बदलाव हो रहा है” और किस प्रकार इसने सेना को प्रभावित किया है। रिपोर्ट के अनुसार, सैनिकों में से एक ने जवाब दिया कि वे अब “24 घंटे” सीमा की निगरानी कर रहे हैं। शी ने उनकी स्थिति के साथ ही यह भी सवाल किया कि क्या उन्हें दुर्गम इलाके में ताजी सब्जियां मिल रही हैं।

आधिकारिक मीडिया के अनुसार, शी ने जवानों से “सीमा पर उनकी गश्त और प्रबंधन कार्य के बारे में” सवाल किया। उन्होंने सैनिकों की सराहना करते हुए उन्हें अपने प्रयास जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग झील क्षेत्र में पांच मई, 2020 को हिंसक झड़प के बाद भारत और चीन के बीच गतिरोध शुरू हो गया था।

दोनों देशों के बीच तनाव जारी

पूर्वी लद्दाख में सीमा गतिरोध के संबंध में दोनों पक्षों के बीच उच्चस्तरीय सैन्य वार्ता के 17 दौर हो चुके हैं, लेकिन बाकी मुद्दों के समाधान में कोई खास प्रगति नहीं हुई। भारत ने जोर दिया है कि चीन के साथ द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति जरूरी है। भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख स्थित एलएसी पर मार्च 2020 से ही तनाव जारी है। उस समय चीन की सेना भारतीय सीमा में पैंगोंग झील तक आ गई थी।

जून 2020 में गलवान तनाव के बाद तो तनाव चरम पर पहुंच गया था। दिसंबर 2022 में अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भी चीन और भारतीय सैनिकों के बीच झड़प हुई थी। 300 चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिशें की थीं। उस समय भारतीय सेना के जवानों ने बड़ी बहादुरी से चीनी सैनिकों को पीछे धकेल दिया था।

Navbharat Times News App: देश-दुनिया की खबरें, आपके शहर का हाल, एजुकेशन और बिज़नेस अपडेट्स, फिल्म और खेल की दुनिया की हलचल, वायरल न्यूज़ और धर्म-कर्म… पाएँ हिंदी की ताज़ा खबरें डाउनलोड करें NBT ऐप

लेटेस्ट न्यूज़ से अपडेट रहने के लिए NBT फेसबुकपेज लाइक करें

Read More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

Eid-ul-Fitr moon sighting highlights: Saudi Arabia, India may mark Eid same day

Eid-ul-Fitr 2022 moon sighting highlights: There is a wafer-thin chance that Muslims…

As Washington ramps up efforts to bring India on board with sanctions against Russia, U.S. treasury official on visit to Mumbai and Delhi

U.S. Assistant Secretary to discuss Russian oil purchases by India, rupee-rouble trade…

सड़क, रेल, 5G… अरुणाचल बॉर्डर से सटे तिब्‍बत में क्‍या-क्‍या गुल खिला रहा चीन, सेना ने सब बताया

Edited by दीपक वर्मा | भाषा | Updated: May 17, 2022, 1:08…

India Shelves ₹35,000 Cr Plan To Upgrade Su-30 Fighter Fleet Amid Russia-ukraine War | Mint

NEW DELHI : Several factors have shelved the Indian Air Force’s plan…